लेडी इरविन कॉलेज में गूंजे रामचरितमानस के दोहे-चौपाइयां, Gen Z ने लिया हिस्सा


लेडी इरविन कॉलेज में गूंजे रामचरितमानस के दोहे-चौपाइयां, Gen Z ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने बताया रामचरितमानस का महत्व, बोले- हर दौर में प्रासंगिक है मानस

लेडी इरविन कॉलेज में सोमवार को रामचरितमानस पर संगोष्ठी और दोहा वाचन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. ‘मानवता के लिए श्रीरामचरितमानस एवं श्रीरामचरितमानस दोहा वाचन प्रतियोगिता’ विषय पर हुए इस कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के अलग-अलग कॉलेजों और स्कूलों के 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया.

कार्यक्रम के दौरान युवा प्रतिभागियों ने रामचरितमानस के दोहों और चौपाइयों का वाचन किया. उन्होंने इनके अर्थ और जीवन में इनके महत्व के बारे में भी बताया. प्रतियोगिता के दौरान पूरा लेडी इरविन कॉलेज परिसर रामचरितमानस के दोहों और चौपाइयों से गूंज उठा.

रामचरितमानस हर युग में प्रासंगिक: डॉ. प्रदीप कुमार सिंघल

‘संस्कृति संज्ञान’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंघल ने कहा कि श्रीरामचरितमानस हर युग में प्रासंगिक है. उनके मुताबिक, यह केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि चरित्र निर्माण, अच्छे व्यवहार और व्यक्तित्व विकास की सीख भी देता है.
उन्होंने कहा कि रामचरितमानस पारिवारिक जीवन में प्रेम और आपसी समन्वय बनाए रखने की प्रेरणा देता है. सुबह के समय मानस की दोहा-चौपाइयों का पाठ या गायन मानसिक सकारात्मकता बनाए रखने में मददगार हो सकता है.

डॉ. सिंघल ने यह भी कहा कि रामचरितमानस की समृद्ध भाषा युवाओं के संचार कौशल को बेहतर बनाने में भी उपयोगी हो सकती है.

जीवन की आचार संहिता का मार्गदर्शन करती है मानस

कार्यक्रम की अध्यक्षता लेडी इरविन कॉलेज की प्राचार्या प्रो. नीलिमा अस्थाना ने की. उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में भी रामचरितमानस की प्रासंगिकता बनी हुई है. मानस जीवन से जुड़े कई सवालों के जवाब और सही आचरण का मार्गदर्शन देती है. उन्होंने राम शलाका का भी उल्लेख किया और रामचरितमानस के प्रचार-प्रसार के लिए डॉ. प्रदीप कुमार सिंघल के प्रयासों की सराहना की.

विद्यार्थियों से रोज 6 मिनट मानस पढ़ने की अपील

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और अमर उजाला के एग्जीक्यूटिव एडिटर राज किशोर तिवारी ने कहा कि रामचरितमानस का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है. उन्होंने इसे समाज और जीवन से जुड़ी सीख देने वाला ग्रंथ बताया. उन्होंने विद्यार्थियों से रोज कम से कम छह मिनट रामचरितमानस पढ़ने की अपील की.

वक्ताओं ने साझा किए अपने अनुभव

विशिष्ट अतिथि रीमा गौतम ने कहा कि रामचरितमानस ने उनके जीवन को गहराई से प्रभावित किया है. उन्होंने बताया कि उनके परिवार में बचपन से ही मानस का नियमित पाठ होता था, जिससे उन्हें भी इसे पढ़ने की प्रेरणा मिली. संपूर्ण सुन्दरकाण्ड पाठ हिंदी में

वहीं, विशिष्ट अतिथि आज दैनिक के ब्यूरो चीफ संजय राय ने कहा कि उनके जीवन में रामचरितमानस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. उन्होंने कहा कि मानस व्यक्ति को हृदय से सोचने की दृष्टि देती है और इसे किसी भी स्थान से पढ़ने पर जीवन के लिए कोई न कोई सीख मिलती है.

50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम में आयोजित श्रीरामचरितमानस दोहा वाचन प्रतियोगिता में दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों और स्कूलों के 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया. प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रामचरितमानस के दोहे और चौपाइयां प्रस्तुत करने के साथ उनके संदेशों को भी समझाया. प्रतिभागियों ने बताया कि मानस की शिक्षाओं को रोजमर्रा के जीवन में किस तरह अपनाया जा सकता है.

सोमवार को दिल्ली में लेडी इरविन कॉलेज और ‘संस्कृति संज्ञान’ संस्था के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को ‘मानवता के लिए श्रीरामचरितमानस एवं श्रीरामचरितमानस दोहा वाचन प्रतियोगिता’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कॉलेज के लाइब्रेरी रीडिंग रूम में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया.

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